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ग्रह गोचर (राशि परिवर्तन)

शनि, गुरु, राहु और केतु धीरे चलते हैं, इसलिए इनका राशि परिवर्तन एक साल या उससे ज़्यादा का माहौल तय करता है। यहाँ की हर तारीख़ वास्तविक आकाश से गणना की गई है (निरयन लाहिड़ी)।

आज ये कहाँ हैं

ग्रहराशिकब सेअगला राशि परिवर्तन
शनि वक्रीमीन29 मार्च 2025मेष — 3 जून 2027
गुरुकर्क2 जून 2026सिंह — 31 अक्टू॰ 2026
राहुकुंभ18 मई 2025मकर — 5 दिस॰ 2026
केतुसिंह18 मई 2025कर्क — 5 दिस॰ 2026

2026

शनि गोचर 2026पूरे साल मीन मेंगुरु गोचर 20262 जून को कर्क, फिर 31 अक्टू॰ को सिंह में प्रवेशराहु-केतु गोचर 20265 दिस॰ को राहु मकर और केतु कर्क में

2027

शनि गोचर 20273 जून को मेष में प्रवेशगुरु गोचर 202726 जून को सिंह, फिर 26 नव॰ को कन्या में प्रवेशराहु-केतु गोचर 2027पूरे साल राहु मकर और केतु कर्क में

ये तारीख़ें कैसे निकाली जाती हैं

हर ग्रह के निरयन (लाहिड़ी) भोगांश से राशि परिवर्तन मिनट तक निकाला जाता है; वक्री और मार्गी होने का क्षण वह है जब उसकी आभासी गति रुकती है। हमारे वक्री-मार्गी समय Drik Panchang से लगभग 15 मिनट के भीतर मिलते हैं और राशि परिवर्तन की तारीख़ें प्रकाशित तारीख़ों से। सटीकता रिपोर्ट

पंचांग लाहिड़ी अयनांश के थोड़े अलग मान लेते हैं, इसलिए शनि और गुरु के प्रकाशित समय में 15–45 मिनट और राहु-केतु में लगभग 3 घंटे तक का अंतर हो सकता है। तारीख़ें वही रहती हैं।

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