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गुरु गोचर 2026

2026 में गुरु (बृहस्पति) की चाल: कब राशि बदलेगा, कब वक्री और मार्गी होगा, और हर चंद्र राशि से किस भाव में गोचर करेगा। वास्तविक आकाश से गणना (निरयन लाहिड़ी)।

2026 की शुरुआत में
मिथुन
5 दिस॰ 2025 से
2026 में राशि परिवर्तन
कर्क · 2 जून, सिंह · 31 अक्टू॰
वक्री
11 नव॰ 2025 – 11 मार्च; 13 दिस॰ – 13 अप्रैल 2027
अगला राशि परिवर्तन
कर्क — 25 जन॰ 2027

2026 की तारीख़ें

तारीख़समय (IST)घटना
बुध, 11 मार्च 20268:57 amगुरु मार्गी (20°51′ मिथुन पर)
मंगल, 2 जून 20261:54 amगुरु का कर्क में प्रवेश
शनि, 31 अक्टू॰ 202612:08 pmगुरु का सिंह में प्रवेश
रवि, 13 दिस॰ 20266:29 amगुरु वक्री (2°47′ सिंह पर)

पंचांग लाहिड़ी अयनांश के थोड़े अलग मान लेते हैं, इसलिए शनि और गुरु के प्रकाशित समय में 15–45 मिनट और राहु-केतु में लगभग 3 घंटे तक का अंतर हो सकता है। तारीख़ें वही रहती हैं।

हर चंद्र राशि के लिए

भाव आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि) से गिने गए हैं, जैसे शास्त्रीय गोचर में। अपनी राशि जानें

मेष

  • 2 जून तक: तीसरे भाव — साहस, भाई-बहन और संदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: चौथे भाव — घर, माता और मन की शांति (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: पाँचवें भाव — संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता (शास्त्रीय रूप से सहायक)

आज का राशिफल

वृषभ

  • 2 जून तक: दूसरे भाव — धन, परिवार और वाणी (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: तीसरे भाव — साहस, भाई-बहन और संदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: चौथे भाव — घर, माता और मन की शांति (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

मिथुन

  • 2 जून तक: पहले भाव — स्वयं, सेहत और आत्मविश्वास (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: दूसरे भाव — धन, परिवार और वाणी (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 31 अक्टू॰ से: तीसरे भाव — साहस, भाई-बहन और संदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

कर्क

  • 2 जून तक: बारहवें भाव — खर्च, विश्राम और विदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: पहले भाव — स्वयं, सेहत और आत्मविश्वास (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: दूसरे भाव — धन, परिवार और वाणी (शास्त्रीय रूप से सहायक)

आज का राशिफल

सिंह

  • 2 जून तक: ग्यारहवें भाव — लाभ और मित्र (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: बारहवें भाव — खर्च, विश्राम और विदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: पहले भाव — स्वयं, सेहत और आत्मविश्वास (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

कन्या

  • 2 जून तक: दसवें भाव — करियर और प्रतिष्ठा (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: ग्यारहवें भाव — लाभ और मित्र (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 31 अक्टू॰ से: बारहवें भाव — खर्च, विश्राम और विदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

तुला

  • 2 जून तक: नौवें भाव — भाग्य, गुरु और लंबी यात्रा (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: दसवें भाव — करियर और प्रतिष्ठा (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: ग्यारहवें भाव — लाभ और मित्र (शास्त्रीय रूप से सहायक)

आज का राशिफल

वृश्चिक

  • 2 जून तक: आठवें भाव — अचानक बदलाव और शोध (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: नौवें भाव — भाग्य, गुरु और लंबी यात्रा (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 31 अक्टू॰ से: दसवें भाव — करियर और प्रतिष्ठा (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

धनु

  • 2 जून तक: सातवें भाव — विवाह और साझेदारी (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: आठवें भाव — अचानक बदलाव और शोध (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: नौवें भाव — भाग्य, गुरु और लंबी यात्रा (शास्त्रीय रूप से सहायक)

आज का राशिफल

मकर

  • 2 जून तक: छठे भाव — काम, सेहत की दिनचर्या और विरोधी (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: सातवें भाव — विवाह और साझेदारी (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 31 अक्टू॰ से: आठवें भाव — अचानक बदलाव और शोध (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

कुंभ

  • 2 जून तक: पाँचवें भाव — संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: छठे भाव — काम, सेहत की दिनचर्या और विरोधी (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 31 अक्टू॰ से: सातवें भाव — विवाह और साझेदारी (शास्त्रीय रूप से सहायक)

आज का राशिफल

मीन

  • 2 जून तक: चौथे भाव — घर, माता और मन की शांति (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
  • 2 जून – 31 अक्टू॰: पाँचवें भाव — संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता (शास्त्रीय रूप से सहायक)
  • 31 अक्टू॰ से: छठे भाव — काम, सेहत की दिनचर्या और विरोधी (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)

आज का राशिफल

इस गोचर का अर्थ

गुरु हर राशि में लगभग एक साल रहता है। शास्त्रीय गोचर में चंद्र राशि से दूसरे, पाँचवें, सातवें, नौवें और ग्यारहवें भाव में गुरु सहायक माना गया है — विकास, पढ़ाई और पारिवारिक शुभ कार्य; बाकी भावों में काम के लिए ज़्यादा मेहनत चाहिए।

गोचर उन सभी लोगों का एक-सा होता है जिनकी चंद्र राशि एक है — बारह में से एक व्यक्ति — इसलिए आपकी अपनी कुंडली, लग्न और चल रही दशा इससे ज़्यादा तय करते हैं।

आपकी अपनी कुंडली पर असर

AI ज्योतिषी से पूछें कि यह गोचर आपकी अपनी कुंडली में क्या करता है: आपके लग्न और चंद्र से कौन-से भाव, और आपकी चल रही दशा। वार्षिक रिपोर्ट आपके साल के हर बड़े गोचर को कवर करती है।

अपनी कुंडली पर पूछें वार्षिक रिपोर्ट

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