शनि गोचर 2026
2026 में शनि की चाल: कब राशि बदलेगा, कब वक्री और मार्गी होगा, और हर चंद्र राशि से किस भाव में गोचर करेगा, साढ़ेसाती और ढैय्या की तारीख़ों के साथ। वास्तविक आकाश से गणना (निरयन लाहिड़ी)।
- 2026 की शुरुआत में
- मीन
29 मार्च 2025 से - 2026 में राशि परिवर्तन
- कोई नहीं
- वक्री
- 27 जुल॰ – 11 दिस॰
- अगला राशि परिवर्तन
- मेष — 3 जून 2027
2026 की तारीख़ें
| तारीख़ | समय (IST) | घटना |
|---|---|---|
| सोम, 27 जुल॰ 2026 | 1:27 am | शनि वक्री (20°30′ मीन पर) |
| शुक्र, 11 दिस॰ 2026 | 4:53 am | शनि मार्गी (13°41′ मीन पर) |
शनि पूरे 2026 मीन में रहेगा।
पंचांग लाहिड़ी अयनांश के थोड़े अलग मान लेते हैं, इसलिए शनि और गुरु के प्रकाशित समय में 15–45 मिनट और राहु-केतु में लगभग 3 घंटे तक का अंतर हो सकता है। तारीख़ें वही रहती हैं।
हर चंद्र राशि के लिए
भाव आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि) से गिने गए हैं, जैसे शास्त्रीय गोचर में। अपनी राशि जानें · साढ़ेसाती कैलकुलेटर: आपकी अपनी तारीख़ें
मेष
- पूरे साल: बारहवें भाव — खर्च, विश्राम और विदेश (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
साढ़ेसाती, पहला चरण: 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
साढ़ेसाती, दूसरा चरण: 3 जून 2027 – 20 अक्टू॰ 2027
वृषभ
- पूरे साल: ग्यारहवें भाव — लाभ और मित्र (शास्त्रीय रूप से सहायक)
साढ़ेसाती, पहला चरण: 3 जून 2027 – 20 अक्टू॰ 2027
कर्क
- पूरे साल: नौवें भाव — भाग्य, गुरु और लंबी यात्रा (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
सिंह
- पूरे साल: आठवें भाव — अचानक बदलाव और शोध (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ शनि): 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
कन्या
- पूरे साल: सातवें भाव — विवाह और साझेदारी (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
अष्टम शनि (चंद्र से आठवाँ शनि): 3 जून 2027 – 20 अक्टू॰ 2027
वृश्चिक
- पूरे साल: पाँचवें भाव — संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
धनु
- पूरे साल: चौथे भाव — घर, माता और मन की शांति (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
कंटक शनि (चंद्र से चौथा शनि): 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
मकर
- पूरे साल: तीसरे भाव — साहस, भाई-बहन और संदेश (शास्त्रीय रूप से सहायक)
कंटक शनि (चंद्र से चौथा शनि): 3 जून 2027 – 20 अक्टू॰ 2027
कुंभ
- पूरे साल: दूसरे भाव — धन, परिवार और वाणी (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
साढ़ेसाती, तीसरा चरण: 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
मीन
- पूरे साल: पहले भाव — स्वयं, सेहत और आत्मविश्वास (शास्त्रीय रूप से सावधानी माँगता है)
साढ़ेसाती, दूसरा चरण: 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027
साढ़ेसाती, तीसरा चरण: 3 जून 2027 – 20 अक्टू॰ 2027
इस गोचर का अर्थ
शनि एक राशि पार करने में लगभग ढाई साल लेता है, इसलिए उसका गोचर लंबे समय की पृष्ठभूमि तय करता है। शास्त्रीय गोचर (फलदीपिका) में चंद्र राशि से तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में शनि सहायक माना गया है; बारहवाँ, पहला और दूसरा भाव साढ़ेसाती बनाते हैं और चौथा व आठवाँ ढैय्या — ये परंपरा से धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत के समय हैं, डरने के नहीं।
गोचर उन सभी लोगों का एक-सा होता है जिनकी चंद्र राशि एक है — बारह में से एक व्यक्ति — इसलिए आपकी अपनी कुंडली, लग्न और चल रही दशा इससे ज़्यादा तय करते हैं।
आपकी अपनी कुंडली पर असर
AI ज्योतिषी से पूछें कि यह गोचर आपकी अपनी कुंडली में क्या करता है: आपके लग्न और चंद्र से कौन-से भाव, और आपकी चल रही दशा। वार्षिक रिपोर्ट आपके साल के हर बड़े गोचर को कवर करती है।