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कर्क और मकर राशि मिलान
Karka और Makara · Cancer and Capricorn
गुण मिलान में कर्क और मकर राशि को केवल राशि पर निर्भर 15 में से 9.5–10.5 / 8.5–9.5 गुण मिलते हैं (पहला अंक जब वर कर्क राशि का हो); दोनों के जन्म नक्षत्र जोड़ने पर 36 में से कुल 12 से 29 गुण बनते हैं, और 56% नक्षत्र जोड़े शास्त्रीय न्यूनतम 18 तक पहुँचते हैं।
राशि से तय होने वाले गुण (36 में से 15)
| कूट | अधिकतम | कर्क वर, मकर वधू | मकर वर, कर्क वधू |
|---|---|---|---|
| वर्ण | 1 | 1 | 0 |
| वश्य | 2 | 1–2 | 1–2 |
| ग्रह मैत्री | 5 | 0.5 | 0.5 |
| भकूट | 7 | 7 | 7 |
| राशि के गुण | 15 | 9.5–10.5 | 8.5–9.5 |
राशि-स्वामी चंद्र और शनि: चंद्र के लिए शनि सम है और शनि के लिए चंद्र शत्रु।
आमने-सामने की राशियाँ, एक-दूसरे से सातवीं (समसप्तक): भकूट दोष नहीं, पूरे 7 गुण; शास्त्रीय रूप से गहरा आपसी आकर्षण।
वर्ण और वश्य वर-वधू की भूमिका पर निर्भर हैं, इसलिए दोनों दिशाओं के अंक अलग हैं।
जन्म नक्षत्र के साथ (36 में से)
हर राशि में नौ नक्षत्र-चरण होते हैं: दोनों के 81 संयोजनों पर पूरा अष्टकूट (उत्तर भारतीय सारणी)।
| कर्क वर, मकर वधू | मकर वर, कर्क वधू | |
|---|---|---|
| सबसे कम | 13 | 12 |
| सबसे अधिक | 29 | 28 |
| औसत | 21.2 | 19.9 |
| 18 या अधिक (शास्त्रीय न्यूनतम) | 56% | 56% |
| नाड़ी दोष | 44% | 44% |
कर्क वर, मकर वधू
- पुनर्वसु (वर) + श्रवण (वधू): 29/36
- पुष्य (वर) + उत्तराषाढ़ा (वधू): 28/36
- पुनर्वसु (वर) + उत्तराषाढ़ा (वधू): 27/36
सबसे कठिन: आश्लेषा + उत्तराषाढ़ा 13, पुष्य + धनिष्ठा 13
18 शास्त्रीय न्यूनतम है, 25–32 अच्छा। नाड़ी दोष के भी शास्त्रीय अपवाद हैं, जो पूरी कुंडली मिलान में दिखते हैं।
दोनों की पूरी कुंडली मिलाएँ
राशियों से 36 में से केवल 15 गुण तय होते हैं। जन्म तिथि, समय और स्थान से पूरे 36 गुण, नाड़ी और भकूट के अपवाद, मांगलिक और विवाह के संभावित समय देखें: मुफ़्त।
कर्क राशि के साथ हर राशि
मकर राशि के साथ हर राशि
ये चंद्र राशियाँ (जन्म के समय चंद्रमा की राशि) हैं, जिनसे वैदिक मिलान होता है; पश्चिमी सूर्य राशि अक्सर अलग होती है। अपनी राशि जानें। गुण मिलान एक पहलू है; विवाह का निर्णय पूरी कुंडली, परिवार और आपकी अपनी समझ से होता है।